SC ने वोडाफोन से पूछा- जब आप घाटे में बिजनेस कर रहे तो AGR का भुगतान कैसे करेंगे?

नई दिल्ली : सरकार को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) पेमेंट के मामलों में वोडाफोन-आइडिया के वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने SC में आज कहा कि कंपनी ने बीते 15 साल में अपना पूरा नेटवर्थ गवां दिया है. सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय की बेंच के सामने रोहतगी ने कहा कि हमने इकनम टैक्स रिटर्न समेत अन्य ​फाइनेंशियल डॉक्युमेंट को कोर्ट में सबमिट कर दिया है. बीते 15 साल में कंपनी की कुल नेटवर्थ लगभग पूरी तरह से खत्म हो चुका है.

वोडाफोन-आइडिया ने कहा कि इन सालों में उसने जो भी कमाई की थी, उसे वो खो चुकी है. यह खर्च टेलिकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुचारु रूप से चलाने में हुआ है और अब वह बकाये का भुगतान करने की हालत में नहीं है. कंपनी ने कहा कि बीते एक दशक में उसे रेवेन्यू के तौर पर 6.27 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए है, जिसमें से 4.95 लाख करोड़ रुपये ऑपरेशन पर ही खर्च हुए हैं. टेलिकॉम कंपनी ने कहा कि उसकी वास्तविक संपत्ति बैंकों के पास सिक्योर्ड हैं और अब कोई लेंडर लोन को आगे नहीं बढ़ाएगा.

रोहतगी ने कहा, ‘सभी रेवेन्यू का इस्तेमाल देनदारी, टैक्स व अन्य बकाये पर खर्च कर दिया गया है. प्रोमोटर्स द्वारा करीब 1 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू वाले इक्विटी भी नष्ट हो चुका है.’

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