दीदी विकास की स्पीड ब्रेकर : मोदी

आरोप, 70 लाख किसानों का विकास रोका

सिलीगुड़ी/कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तृणमूल की राजनीति बंगाल के गरीब होने पर ही टिकी है। लेकिन ये भूल रहे हैं कि इनका मुकाबला एक चौकीदार से है। बहुत ईमानदारी से, बहुत परिश्रम से ये चौकीदार बंगाल के लोगों के लिए काम कर रहा है। ये हमारी ही सरकार है जिसने गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन भर की कमाई को लुटने से बचाने के लिए रेरा कानून बनाया। इसका मकसद यही था कि अपना घर खरीदने जा रहे परिवार का पैसा कोई बिल्डर लूट कर न भाग जाए। लेकिन दीदी ने रेरा को लागू करने से भी इनकार कर दिया। लेकिन दीदी तो दीदी हैं। पीएम किसान सम्मान योजना पर भी उन्होंने बंगाल में ब्रेक लगा दिया। दीदी ने 70 लाख से ज्यादा किसान परिवारों के विकास पर भी ब्रेक लगा दिया है। देश के तमाम राज्यों में पीएम किसान सम्मान योजना के तहत किसानों के बैंक खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। लेकिन स्पीड ब्रेकर दीदी ने क्या किया? गरीब का भला करने वाली इस योजना पर यहां ब्रेक लगा दिया। गरीब की चिंता को समझते हुए केंद्र की एनडीए सरकार ने आयुष्मान भारत योजना शुरू की। गरीब को कहा कि बीमारी की स्थिति में 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त होगा, आपको एक भी रुपया अस्पताल में खर्च नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बंगाल में चिटफंड घोटाला हुआ। मेरे गरीब भाइयों और बहनों का पैसा लेकर दीदी के मंत्री, दीदी के विधायक, दीदी के साथी भाग गए, उन्होंने गरीबों को लूट लिया। उन्होंने गरीबों को लूट लिया। दीदी को गरीबों की चिंता नहीं है। आखिर दीदी को गरीबी का पॉलिटिक्स करनी है, वो गरीबी खत्म करने के लिए कैसे काम कर सकती हैं? अगर गरीबी ही खत्म हो जाएगी तो दीदी की पॉलिटिक्स खत्म हो जाएगी। बंगाल में एक स्पीड ब्रेकर है, जिनको आप दीदी के नाम से जानते हैं। ये दीदी, आपके विकास की स्पीड ब्रेकर हैं।

कांग्रेस को घेरा : कांग्रेस पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने वादा किया है कि वो जम्मू कश्मीर और हिंसा प्रभावित दूसरी जगहों पर हमारे सुरक्षाबलों को जो एक विशेष अधिकार मिला है उसको हटाएगी। यानि हमारे सैनिकों को आतंकी और पत्थरबाजों के सामने लाचार करने का पूरा प्लान ये बना रहे हैं। ये कैसा भारत चाहते हैं? इनकी मंशा बिल्कुल साफ होती जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जब यूपीए की रिमोट वाली सरकार थी तब आए दिन आतंकवादी हमले होते थे, लेकिन इन्होंने कभी भी हमारे वीरों को खुली छूट नहीं दी। मोदी ने ये क्यों किया? मोदी सबूत दो। मोदी को आतंकियों के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए।

इस्लामाबाद से ज्यादा दर्द दीदी को हुआ : उन्होंने कहा कि सभी ने हाल में देखा और सुना होगा कि जब बालाकोट में हमारे सपूतों ने आतंकियों को घर में घुसकर मारा तो जितना दर्द इस्लामाबाद में हुआ, लाहौर में हुआ, रावलपिंडी में हुआ, उससे भी ज्यादा दर्द कोलकाता में बैठी दीदी को हुआ। एक तरफ देश को गर्व देने वाली सरकार है और दूसरी तरफ आपको शर्मिंदा करने वालों की भरमार है। एक तरफ आतंक को करारा जवाब देने वाली सरकार है और दूसरी तरफ पाकिस्तान के पक्षकार हैं। इस बार के चुनाव दो स्पष्ट धाराओं के बीच का चुनाव है। एक तरफ ईमानदार चौकीदार है और दूसरी तरफ दागदार ही दागदार हैं। चाहे लेफ्ट हो, कांग्रेस हो, या दीदी हो, ये भी एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। मोदी ने कहा कि जिस तरह आतंकियों और नक्सलियों पर इस चौकीदार ने निर्णायक कार्रवाई की है, आश्‍वस्त रहिए घुसपैठियों को भी छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं, जो हमारे शरणार्थी हैं, जो कांग्रेस की ऐतिहासिक भूल का शिकार रहे हैं, उनके साथ इंसाफ भी यही चौकीदार करेगा। कांग्रेस की, तृणमूल की, इन सभी महामिलावटियों की यही नीति और रीति रही है कि देश को दशकों से आतंक झेलना पड़ा है।

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