तृणमूल ने भाजपा से छिने 5 पालिका

-सवालों के घेरे में मुकुल राय का दावा

-भाजपा के अंदर ही मुकुल पर उठे सवाल

कोलकाता : लोकसभा चुनाव के तत्काल बाद भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस संचालित कई पालिकाओं पर धावा बोल दिया था। भाजपा ने एक के बाद एक कई पालिकाओं के कई पार्षदों को पार्टी में शामिल कर तृणमूल कांग्रेस को जोरदार झटका दिया था। तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल होने वालों पार्षदों की होड़ गई थी। और यह सब कुछ ही भाजपा नेता मुकुल राय के नेतृत्व में हुआ था। तब मुकुल राय ने दिल्ली में कई दफे दावा किया था कि अब तृणमूल कांग्रेस के खात्मे की शुरुआत हो गई है। लेकिन प्राथमिक धक्के के बाद अब पश्‍चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने पलटवार करना शुरू कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के हाथों गंवाई 5 पालिकाओं पर दोबारा कब्जा कर लिया है । और इस घटना के बाद अब स्वयं भाजपा के अंदर ही मुकुल राय की रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैैं। तृणमूल कांग्रेस के खात्मे का उनका दावा फिलहाल सही साबित होता नहीं दिख रहा है। गुरुवार को बनगांव पालिका के 4 भाजपा पार्षदों के दोबारा घर वापसी करते हुए तृणमूल कांग्रेस में वापसी की घटना के बाद भाजपा मुख्यालय मुरलीधर लेन में मुकुल विरोधियों में काफी हलचल देखी गई।

मालूम हो कि लोकसभा नतीजे के बाद भाजपा ने सबसे अधिक बैरकपुर के सांसद अर्जुन सिंह के इलाके के पालिकाओं पर कब्जा किया था। यहां भाजपा ने मुकुल राय के नेतृत्व में भाटपाड़ा, कांचरापाड़ा, नोआपाड़ा, हालीशहर व नैहटी पालिकाओं पर तृणमूल कांग्रेस पार्षदों को तोड़ कर कब्जा किया था। इसके अलावा दार्जिलिंग, गंगारामपुर एवं बनगांव पर भी भाजपा ने पार्षदों को अपने पाले में कर दखल करने का दावा किया था। यहां चेयरमैनों की कुर्सियां हिल गई थी। इससे भाजपा नेताओं विशेष कर मुकुल राय तथा कैलाश विजय वर्गीय के बोल काफी तीखे हो गए थे। दिल्ली में दोनों नेताओं ने प्रेस वार्ता में दावा किया था कि अब तृणमूल कांग्रेस के खात्मे की शुरुआत हो गई है। भाजपा 7 चरणों के चुनाव की तरह ही तृणमूल कांग्रेस को 7 चरणों में तगड़े झटके देगी। लेकिन भाजपा नेताओं के बड़े-बड़े दावे ही अब उनके लिए गले की हड्डी बनते जा रहे हैं। एक माह के अंदर ही तृणमूल ने एक के बाद एक 5 पालिकाओं पर कब्जा कर लिया है। गुरुवार को 4 भाजपा पार्षदों को पार्टी में शामिल कर बनगांव पालिका पर पार्टी ने कब्जे का दावा किया। स्वयं फिरहाद हकीम ने दावा किया कि अब यहां पार्षदों की संख्या 10 से बढ़कर 14 हो गई है। अब यहां तृणमूल बहुमत में है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पार्षदों को अपने पाले ला कर कांचरापड़ा, हालीशहर, गंगारामपुर व हरीनघाटा पालिका पर कब्जा कर लिया था। गुरुवार तक तृणमूल ने हाथों से निकली 5 पालिकाओं पर दोबारा कब्जा कर साबित कर दिया कि भाजपा व मुकुल राय ने कैसे रणनीतिक भूल की थी। इस बीच मुकुल राय के खिलाफ सवाल उठने पर भाजपा नेता सायंतन बसु ने कहा कि तृणमूल के पार्षद दोबारा उसी पार्टी में गए हैं। इसमें मुकुल राय पर सवाल नहीं उठता। हालांकि, मुकुल विरोधी 5 पालिकाओं के दोबारा खोने से उन्हें घेरने की रणनीति बना रहे हैं। खबर है कि मुकुल विरोधी नेता शीर्ष नेताओं से भी इस बारे में शिकायत कर सकते हैं।

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