वेनेजुएला में बिजली गुल- काम के घंटे में कटौती, स्कूली छुट्टियां बढ़ी

वेनेजुएला में छाया संकट लगातार गहराता जा रहा है. सरकार को देश में बिजली आपूर्ति ठप हो जाने के कारण विद्युत सेवा बहाल करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी. बिजली आपूर्ति ठप हो जाने के कारण देश का अधिकांश भाग अंधेरे में डूब गया था, जिससे स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने की घोषणा की है. लचर बुनियादी ढांचे, बिजली ग्रिड में कम निवेश और खराब रख-रखाव के कारण देश में बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है.

संकटग्रस्त वेनेजुएला में कई दिनों से बिजली गुल हो गई थी. वेनेजुएला में पिछले महीने से बिजली संकट बढ़ रहा है और इसके अभी भी बने रहने की संभावना ज्यादा दिख रही है. अधिकारियों ने बताया कि हर जगह पर आपूर्ति के लिए पर्याप्त बिजली नहीं है. संचार मंत्री जॉर्ज रॉड्रिग्स ने सरकारी टेलीविजन से कहा कि बिजली आपूर्ति में स्थिरता बनाए रखने के लक्ष्य से वेनेजुएला की सरकार ने स्कूली गतिविधियों को बंद करने और सार्वजनिक एवं निजी संस्थानों में दोपहर दो बजे तक का काम करने का आदेश दिया हैं.

वहीं उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज ने ट्वीट किया, मदुरो ने देश में बिजली सेवा बहाल करने के प्रयासों के तहत कार्यालयों और स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया. काराकस के बड़े क्षेत्रों में दोपहर बाद से बिजली की आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल होनी शुरू गई थी. 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने के बाद देश के कई हिस्सों में बिजली सेवा फिर से बहाल हो गई.

 वेनेजुएला में क्यों बढ़ रहा हैं राजनीतिक संकट

वेनेजुएला के हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहे हैं. वहां की मौजूदा राजनीतिक स्थिति ने भी हालात को बेकाबू करने का काम किया है. वर्तमान में वहां पर निकोलस मदुरो और जुआन गुइदो के बीच जबरदस्‍त खींचतान चल रही है. वहीं अमेरिका ने यहां के राजनी‍तिक संकट की आग को भड़काने में घी का काम किया है. गुइदो ने यहां पर खुद को राष्‍ट्रपति घोषित कर सेना से मदुरो का हुक्‍म मानने से इंकार करने की अपील की है.

बता दें वेनेजुएला हाल के दिनों में अपने आर्थिक संकट की वजह से चर्चा में रहा है. वेनेज़ुएला गंभीर सियासी संकट का भी सामना कर रहा है. इसके नेता निकोलस मदुरो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकेले पड़ गए हैं. विपक्षी नेता जुआन गुइदो ने ख़ुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया है. अमेरिका के बाद कई पड़ोसी देशों ने उन्हें मान्यता भी दे दी है.

कुछ देशों ने निवर्तमान राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को समर्थन दे रहे है. अमेरिका ने वेनेजुएला की विपक्ष के नेतृत्व वाली नेशनल असेंबली के नेता ख़ुआन गुइदो को देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में मान्यता देता है, जिसके बाद मादुरो ने अमेरिका से सभी संबंध तोड़ लिए हैं. जबकि रूस निवर्तमान राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को समर्थन दे रहा है. वहीं अमेरिका ने अपने प्रस्ताव में ‘वेनेजुएला में शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रक्रिया की शुरू करने की मांग की है ताकि देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और राष्ट्रपति चुनाव विश्वसनीय तरीके से कराए जा सकें. मई 2018 में हुए राष्ट्रपति चुनाव को अमेरिका अवैध मानता है, जिसमें मदुरो दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में आए थे. वहीं, रूस ने अपने प्रस्ताव में मदुरो प्रशासन के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करने की चेतावनी दी है. उसके अलावा देशों के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने और राष्ट्रीय संप्रभुता के सिद्धांतों पर जोर दिया गया है.

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